हमारे बारे में

हमारे बारे में

वाइट स्वान फ़ाउंडेशन फ़ॉर मेंटल हेल्थ, एक गैरलाभकारी संगठन है जो मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्ध ज्ञान और जानकारी को प्रस्तुत करता है. हमारा लक्ष्य मरीज़ों, देखरेख करने वालों और अन्य लोगों को शोधपूर्ण आलेख मुहैया कराना है जो उनके लिए मानसिक स्वास्थ्यक से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए सही और सजग निर्णय करने में मददगार होंगे. व्हाइट स्वान फ़ाउंडेशन की टीम, दुनिया भर में फैले समान सोच वाले व्यक्तियों और संगठनों के साथ मिलकर आपको मानसिक स्वास्थ्य पर उच्च कोटि का ज्ञान उपलब्ध कराएगी.  

हमारा आरंभ

नैशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो साइंसेस (निमहान्स) के स्थापना दिवस के अवसर पर, 14 जुलाई 2013 को बंगलौर में अपने मुख्य संबोधन में माइन्डट्री लिमिटेड के चेयरमैन सुब्रतो बागची ने भारत के मानसिक स्वास्थ्य सेक्टर से जुडी विभिन्न चुनौतियों से निपटने में ज्ञान की भूमिका पर विशेष ज़ोर दिया था. उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों से लोगों तक सही ज्ञान पहुंचाने की अपील की जो उन्हें सही निर्णय लेने के योग्य बनाएगा. नतीज़तन, सुब्रतो की अगुवाई में मनोज चंद्रन ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य के सेक्टर और चुनिंदा विकसित देशों में उपलब्ध सेवाओं का आवश्यक शोध किया. निमहान्स के निदेशक/कुलपति डॉ पी सतीशचंद्रा और संस्थान से जुड़े कई मनोचिकित्सकों के बड़े सहयोग और देश भर में इस सेक्टर से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पेशवेरों और सामाजिक उद्यमियों की गंभीर मदद के साथ हमने व्हाइट स्वान फ़ाउंडेशन फ़ॉर मेंटल हेल्थ का विज़न पेश किया. 25 मार्च 2014 को इसे कंपनी एक्ट के सेक्शन 25 के हवाले से गैरलाभकारी संगठन के रूप में मान्यता मिली.

हमारा मिशन है

“मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ज्ञानवर्धक सेवायें प्रदान करना"”

हमारा लक्ष्य

  • भारत के सर्वश्रेष्ट दस शहरों के युवाओं के बीच तीन भाषाओं और 500 विशेषज्ञों के नेटवर्क की मदद से पहुंचना
  • मानसिक स्वास्थ्य और कुशलता पर कार्रवाई के योग्य ज्ञान उपलब्ध कराते हुए भारत का सबसे बड़ा पोर्टल बनना
  • भारत के सबसे प्रशंसित टॉप टेन स्वयंसेवी संगठनों में आना
  • पांच वैश्विक संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी कायम करना
  • व्हाइट स्वान फ़ाउंडेशन को ग्रामीण भारत तक ले जाना

हमारे सहयोगी

निमहान्स - (NIMHANS)

संसद से पारित एक क़ानून के मुताबिक निमहान्स को ‘राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान’ कहा गया है. देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ये शीर्ष संस्था है. यहां लोगों को सेवाएं तो दी ही जाती हैं इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो विज्ञान में आला दर्जे के शोध भी किए जाते हैं.

जब हम व्हाइट स्वान फ़ाउंडेशन का विचार लेकर निमहान्स के निदेशक और कुलपति से मिले, तो वह हमारे साथ भागीदारी के हमारे प्रस्ताव पर सहर्ष तैयार हो गए. ये हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का सबसे प्रतिष्ठित और शीर्ष संस्थान हमारे इस काम में हमारे साथ पार्टनर है. निमहान्स में कार्यरत, मनोविज्ञानियों, मनोचिकित्सकों और अन्य चिकित्सरों और विशेषज्ञों के बिना शर्त सहयोग, अंतहीन उत्साह और भागीदारी की उच्चतम भावना का ही नतीजा है यह पोर्टल.

निमहान्स के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर जाएं:  http://nimhans.ac.in/nimhans

माहिती इंफ़ोटेक

इंटरनेट पर जब हमें अपने कंटेंट को पेश करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के निर्माण में तकनीकी मदद की ज़रूरत थी तो हम पोर्टल निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाले कई सेवा प्रदाताओं से मिले. लेकिन हम जिस संगठन के साथ काम करना चाहते थे उसमें एक अतिरिक्त योग्यता की भी तलाश कर रहे थे. वो सामाजिक मुद्दों पर बेहतर नज़रिया रखता हो और जो सामाजिक प्रभाव हम पैदा करना चाहते हैं उसके लिए हमारे साथ थोड़ा दूर तक साथ चले. काम के साथ सरोकार की ये निशानियां हमें माहिती में मिल गईं जिसकी जड़ें डेवलेपमेंट सेक्टर में हैं.

माहिती इंफ़ोटेक एक आईटी सेवा प्रदाता कंपनी है जो दुनिया भर के संगठनों को ऐंड टू ऐंड टेक्नोलजी सॉल्यूशन मुहैया कराती है.  

माहिती इंफ़ोटेक के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें: http://www.mahiti.org

शिवप्रसाद जोशी

शिवप्रसाद जोशी 20 वर्षों से एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, मीडिया स्कॉलर और ट्रेनर, कवि-लेखक और अनुवादक हैं. उन्होंने ज़ी न्यूज़, सहारा टीवी जैसे राष्ट्रीय टीवी समाचार चैनलों और बीबीसी वर्ल्ड सर्विस और जर्मन रेडियो (डॉयचे वेले) जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रसारण संस्थानों में काम किया है. नये मीडिया विमर्श पर उनकी दो किताबें क्रमश: पेंगुइन और राजकमल से प्रकाशित हो चुकी हैं.

सफ़ेद हंस, हमारा चिन्ह

हमारी विज़ुअल पहचान को डिज़ाइन किया है, रे+केशवन | ब्रैंड यूनियन की पुरस्कार विजेता ग्राफ़िक डिज़ाइनर सुजाता केशवन ने. सफ़ेद हंस की स्थिति दाएं से बाएं को तैरते हुए दिखाई गई है, ये प्रचलन से अलग है, भेड़ चाल वाली मानसिकता के ख़िलाफ़. यहां, सफ़ेद हंस एक फ़ॉर्म नहीं है बल्कि उसे प्रति-फ़ॉर्म से निर्मित किया गया है. आकृति में कुछ भी नहीं है- न कोई आकार न कोई रंग. वो एक सफ़ेद स्पेस है, बस.

हम वहां पर हंस को इसलिए देख पाते हैं क्योंकि उस स्पेस में ऊपर की ओर हंस की आकृति और नीला आयात है. ये अपने आप में एक मुकम्मल छवि है, एक समाकृति है जिसमें मस्तिष्क खाली स्पेस की जगह हंस को देखने के लिए संबंध जोड़ता है. कोमल और शांत हंस, देखरेख की भावना के क्षण को पकड़ता है.

उसकी पालनपोषण की दशा से आप कमोबेश ये कल्पना कर सकते हैं कि एक शिशु हंस एक वयस्क मादा हंस के इर्दगिर्द तैर रहा है, उठे हुए पंख गतिशीलता दिखाते हैं, इससे आप जान पाते हैं कि वो पानी में तैर रही है. वेजवुड नीला और बड़े और छोटे अक्षरों का मिलाजुला इस्तेमाल उद्देश्य के प्रति हमारी गंभीरता, हमारी सुगमता और परवाह करने के गुणों का संकेत देता है.