अनिद्रा रोग (इनसॉम्निया)

अनिद्रा रोग क्या है?

अनिद्रा, नींद न आने का सबसे आमफ़हम रोग है. अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति गहरी नींद नहीं ले पाता और निश्चिंत नींद नहीं ले पाता. नींद के लिए पर्याप्त समय होने के बावजूद भी ऐसा होता है कि व्यक्ति देर से सोता है या उसे किसी वजह से जल्दी जगना पड़ता है. अनिद्रा रोग नींद की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को प्रभावित करता है. व्यक्ति दिन में थका हुआ और निस्तेज महसूस करता है.
हम सबको समय समय पर रात में नींद नहीं आती है. इसका अर्थ ये नहीं है कि हम अनिद्रा रोग के शिकार हैं. अनिद्रा वो रोग या वो स्थिति है जो लंबी अवधि तक बनी रहती है और जिसका आपकी कार्यक्षमता, संबंध, निर्णय क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है. इस रोग का इलाज संभव है और जितना जल्दी आप इसके लिए मदद लें उतना ही जल्दी आप इससे छुटकारा पा सकते हैं.

अनिद्रा रोग के लक्षण क्या हैं?

आपको अनिद्रा रोग हो सकता है अगरः

  • आपको रात की नींद लेने में कठिनाई आती है.
  • आप नियमित रूप से दिन में उनींदा महसूस करते हैं. आप हर वक्त थका हुआ और निस्तेज महूसस करते हैं.
  • आपको ध्यान केंद्रित करने में या किसी बात पर ग़ौर करने में असुविधा या दिक्कत होने लगती है. कभी कभी आप भूलना भी शुरू कर देते हैं.

परिणाम्स्वरूप, आप पाते हैं कि आप अक़्सर गलतियाँ कर रहे हैं. आप चिड़चिड़े हो जाते हैं और आपकी सहनशीलता के स्तर में भी कमी आ जाती है. आपको नियमित रूप से सिर में दर्द या पेट में दर्द रहने लगता है. आप बहुत ज़्यादा सोने के बारे में चिंतित रहने लगते हैं.
अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं जिसमें लंबे समय की अवधि में उपरोक्त लक्षण नज़र आते हैं तो उनसे बात करें और उन्हें डॉक्टर के पास जाने के लिए उत्साहित करें.

अनिद्रा रोग किस वजह से होता है?

अनिद्रा रोग आमतौर पर अन्य दबी हुई स्थितियों की वजह से होता है,जैसे-

तनावः तनाव अनिद्रा रोग का एक सामान्य कारण है. इसका संबंध रोज़ाना की समस्याओं से हो सकता है, जैसे काम का दबाव, पैसे या स्वास्थ्य की चिंता. ये तनाव जीवन में घटित किसी गंभीर घटना से भी आ सकता है जैसे अपने किसी प्रियजन का निधन, तलाक या नौकरी का छूटना. 
 

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएँ: अवसाद और घबराहट से पीड़ित और अन्य मनोरोगों के शिकार व्यक्तियों में नींद न आने की समस्या आ सकती है. यानि उन्हें भी अनिद्रा रोग हो सकता है.
 

अन्य बीमारियाँ या शरीर की अन्य दशाएँ: ऐसे लोग किसी शारीरिक बीमारी से दर्द या असुविधा का अनुभव करते हैं या जिन्हें दमा जैसी सांस की तक़लीफ़ें हों, उन्हें भी अनिद्रा रोग हो सकता है. अन्य कई चिकित्सा स्थितियों में यानि कई बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग या हल्कीफुल्की सामान्य बीमारियों जैसे एलर्जी और एसिडिटी से भी अनिद्रा रोग हो सकता है.

दवाएँ: अनिद्रा रोग, कई दवाओं के साइड अफ़ेक्ट से भी होता है. कई दर्दनिवारक दवाओं और साधारण सर्दी जुकाम की चलताऊ दवाओं में कैफ़ीन होता है जिससे नींद का चक्र बाधित होता है. अवसाद निरोधक दवाएँ, ब्लडप्रेशर की दवाएँ और हृदय रोग की दवाओं से भी अनिद्रा रोग हो सकता है.
अल्कोहल और नशीले पदार्थः शराब, कैफ़ीन, निकोटीन और नशीले पदार्थों का सेवन भी अनिद्रा का कारण बन सकते हैं. कैफ़ीन नींद में जाने की आपकी क्षमता को सीमित करता है जबकि शराब और अन्य नशे नींद में खलल डालते हैं. और बार बार नींद टूटती है.

नींद का कमज़ोर रूटीन और आसपास का माहौलः लंबे समय तक अनियमित नींद स्वस्थायवर्धक नहीं हैं और अनिद्रा रोग का कारण बन सकती है. असुविधाजनक माहौल में सोने से भी नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है जैसे तेज़ रोशनी या शोरशराबे में.

जीवन से जुड़ी घटनाएँ: अगर आप रात की पाली में काम करते हैं या अलग टाइम ज़ोन में आपका तबादला हो जाता है तो आपका शरीर इस बदलाव से तारतम्य नहीं बैठा पाता और आपको नींद लेने में दिक्कत आ सकती है.
 

बुढ़ापाः जैसे जैसे लोग उम्रदराज़ होते हैं, उन्हें अनिद्रा रोग की शिकायत होने लगती है. दिन में जल्दी थक जाने से नींद के पैटर्न बदल सकते हैं. शारीरिक गतिविधि में कमी भी नींद की गुणवत्ता पर असर डालती है. उम्र बढ़ने के साथ आपको अन्य तक़लीफ़ें भी घेर सकती हैं जो आपकी नींद को बाधित कर सकती है.

अनिद्रा रोग का इलाज

अनिद्रा रोग आपके जीवन स्तर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है लेकिन इसका इलाज है. अगर आपको नींद लेने में दिक्कत का अनुभव होता रहा है और इससे आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है तो ऐसी स्थिति में आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए.
अनिद्रा रोग के इलाज में आमतौर पर उन्हीं समस्याओं को पहचानने पर ध्यान दिया जाता है जिनकी वजह से अनिद्रा रोग होता है. डॉक्टर उचित दवाएँ लेने की सलाह दे सकता है. वो अनिद्रा रोग के इलाज के लिए कुछ व्यवहारजन्य थेरेपी कराने का परामर्श भी दे सकता है जैसे संज्ञानात्मक व्यवहारजन्य थेरेपी.

अनिद्रा रोग से पीड़ित व्यक्ति की देखरेख

अनिद्रा रोग व्यक्ति को बुरी तरह कष्ट पहुँचा सकता है. इसके चलते वो चिड़चिड़ा और हताश हो सकता है. ये महत्त्वपूर्ण है कि आप ऐसे व्यक्ति के साथ धीरज से काम लें और समस्या से निपटने में उनकी मदद करते रहें. उनसे उनकी समस्याओं के बारे में बात करें. अगर उन्हें किसी बात की चिंता है, तो हो सकता है बात करने से उनका मन हल्का हो जाए और बेहतर नींद ले पाएँ. अगर आपके खर्राटे लेने से या नींद के रूटीन में बदलाव से आपके पार्टनर की नींद में व्यवधान पैदा हो रहा है तो कुछ समय के लिए अलग सोकर देखें. अगर समस्या गंभीर है, तो आप उन्हें डॉक्टर के पास चलने की सलाह दे सकते हैं.

अनिद्रा रोग से जूझते हुए

अनिद्रा रोग आपके दैनिक जीवन पर उल्टा असर डाल सकता है लेकिन कुछ सामंजस्य और कुछ समझौते अगर कर सकें तो अच्छी नींद लेने में आपको मदद मिल सकती है. व्यायाम करने की कोशिश करें और दिन में सक्रिय रहें. इससे आपको गहरी नींद आएगी और आपको पूरा आराम मिल पाएगा. कैफ़ीन की मात्रा कम करें और अल्कोहल और निकोटीन से परहेज़ करें क्योंकि उनसे नींद में गतिरोध आता है. अपने सोने के इंतज़ाम आरामदेह और सुविधाजनक रखें और बिस्तर पर जाने से पहले कुछ रिलैक्स करें. अगर नींद की कमी से आप अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों में रुकावट महसूस करते हैं और उन गतिविधियों को संचालित करने में आप समर्थ नहीं हो पा रहे हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाकर उनसे परामर्श करना चाहिए.


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