क्या कैंसर मेरे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है?

कैंसर के इलाज के दौरान जब मरीज को लगता है बीमारी जीवन के विभिन्न पहलुओं पर असर डाल रही है तो उसमें सदमा,  अविश्वास,  क्रोध,  थकान और उदासी जैसी कई गहन भावनाएं पैदा हो सकती हैं। ज्यादातर लोग कैंसर का इलाज करवाने के दौरान दुःख के विभिन्न चरणों में जाते हैं।

यदि आपको कैंसर का इलाज मिला है, तो आप सदमा, अविश्वास महसूस कर सकते हैं और इस तरह के कई विचार, और इनका कारण या उत्तर ढूंढने का प्रयास कर सकते हैं। मनोविज्ञानी हाबा सिद्दीकी का कहना है कि "कई मरीज़ शुरू में जवाब मांगते हैं- मैं ही क्यों?  मैं अपने पूरे जीवन में स्वस्थ रहा हूं,  यह कैसे हो सकता है? क्या यह मेरा कर्म है? क्या यह ऊपर से एक संकेत है?  यह कितना बुरा होगा?  क्या मैं ठीक हो पाऊँगा?  क्या मैं मर जाऊँगा? "

कैंसर का निदान जीवन बदलने वाला हो सकता है। शारीरिक लक्षण उदासी,  हताशा और थकान का कारण बन सकते हैं। आपको उपचार के बारे में भी चिंता हो सकती है, यह सोचकर कि शारीरिक और भावनात्मक रूप से इसका क्या मतलब हो सकता है।

यह आपके स्वास्थ्य, आपके परिवार और आपके संबंधों को प्रभावित करता है। निदान पर निर्भर करता है कि  अपने कार्य या पारिवारिक जिम्मेदारियों को समायोजित करने सहित आपको अपनी जीवन शैली में महत्वपूर्ण समायोजन करने की ज़रूरत है।

कैंसर आपके आत्मसम्मान और पहचान को भी प्रभावित कर सकता है क्योंकि आप अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में अपनी प्रतिबद्धताओं, जिम्मेदारियों और उपचार कार्यक्रम को व्यवस्थित करने का प्रयास करते हैं। अपने शरीर में हो रहे परिवर्तनों के कारण आप आत्मविश्वास में कमी महसूस कर सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल क्यों जरूरी है?

कैंसर के निदान से उत्पन्न तनाव और चिंताएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं और आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। निदान के कुछ दिनों या हफ्तों के बाद सदमा और कंपकंपी महसूस करना और अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंता करना सामान्य बात है। हालांकि, अगर आप को सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता है तो यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं।

अध्ययनों से पता चला है कि कैंसर वाले व्यक्तियों में अवसाद या चिंता का जोखिम होने की ज्यादा संभावना रहती है। और उनकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके शारीरिक स्वास्थ्य और लोच पर प्रभाव डाल सकती हैं। यदि आपक कैंसर का इलाज किया गया है,  तो आप बेहतर तरीके से इसका सामना करने में सक्षम होने के लिए अपनी स्वास्थ्य देखभाल योजना में मानसिक स्वास्थ्य शामिल कर सकते हैं।

कैसे करें सामना

आपकी शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य दोनों साथ-साथ जाते हैं; और यदि आप कैंसर का इलाज करवा रहे हैं तो इन तरीकों से आप दोनों की देखभाल कर सकते हैं। हालांकि ये विस्तृत दिशानिर्देश हैं,  आप इन सुझावों में से जो कुछ भी संभव हो सके,  अपने शारीरिक स्वास्थ्य और चिकित्सक के निर्देशों पर ध्यान देते हुए चुन सकते हैं।

1. सुनिश्चित करें कि आप डॉक्टर से अपनी बीमारी और उपचार के बारे में सभी प्रश्न पूछें। सटीक जानकारी रखने से आपको अपने अनुभवों के नियंत्रण में सहायता मिल सकती है।

2. अपने जीवनशैली में बदलाव के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें, ताकि आपको पर्याप्त स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन मिल सके। धूम्रपान और अल्कोहल से बचें क्योंकि वे शरीर को बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं, और तनाव और चिंता में वृद्धि कर सकते हैं।

3. व्यायाम को शामिल करें- भले ही यह आपकी रोज़ाना की दिनचर्या में थोड़ा घूमना-फिरना हो।

4. अपनी नींद के स्वरूप को यथासंभव नियंत्रित करने का प्रयास करें। पूरी रात की नींद लेना आपके मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है,  और आप अपनी भावनाओं पर ज्यादा नियंत्रण रख सकते हैं।

5. खुद को किसी भी काम और शौक में व्यस्त रखो - जो कुछ भी करना आपको खुशी देने वाला हो, या काम के तनाव को कम वाले तरीके ढूंढें।

6. सामाजिक समर्थन के अपने स्रोतों को पहचानें और उन्हें इकट्ठा करें: व्यावहारिक और भावनात्मक समर्थन दोनों के लिए अपने परिवार, दोस्तों या पड़ोसियों का सहारा लें।

7. अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए वही रास्ता अपनाएँ जिसमें आप आरामदायक महसूस करते हैं - किसी से बात कर या  एक पत्रिका या कला के माध्यम से।

8.  यदि उपलब्ध हो तो स्थानीय सहायता समूह में शामिल हों

इसके अलावा, आप अपनी बीमारी से निपटने के लिए एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करने पर विचार कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिक सहारा आपको उपचार प्रक्रिया के माध्यम से खुद के लिए संबल प्रदान करने में मदद कर सकता है, और बीमारी से सामना करने के लिए प्रभावशाली तंत्र विकसित कर सकता है। एक प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के साथ अपनी भावनाओं को बांटना, मन को शांति प्रदान करने वाला हो सकता है। यह संकट की स्थिति को पहचानने और तनाव कम करने में भी आपकी सहायता कर सकता है। यह आपको हो सकने वाले किसी भी शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन के लिए तैयार करने में भी आपकी सहायता कर सकता है।

यह हिस्सा परामर्श मनोवैज्ञानिक और साइको-ओन्कोलॉजिस्ट हिबा कुरैशीके सहयोगसे लिखा गया है।

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