क्लॉस्ट्रोफोबिया या संवृत-स्थान-भीति क्या है?

मुकुल एक प्रमुख निवेश बैंक में उच्च वर्ग का कार्यकारी है। 10वीं मंजिल के कोने में स्थित उसका कार्यालय उसकी उपलब्धियों का अभिवादन है,लेकिन ये शायद ही कभी उसके सहयोगियों केबीच चर्चा का मुद्दा बना है। जिस मुद्दे पर उन्हें चर्चा करना पसंद है,वह है "आठ लिफ्ट होने के बावजूद मुकुल सीढ़ियों का उपयोग क्यों करता है?"उसके साथियों ने कई कारण सोच निकाले,कुछ उचित,कुछ उपहासपूर्ण: "वह तन्दुरुस्त रहना चाहता है", "ऊपर चढ़ते वक़्त उसे सोचने का समय मिल जाता है",और "यह उसकी सफलता की सीढ़ी पर अपनी यात्रा को तरोताज़ा कर देता है" किसी ने भी मुकुल से पूछने की परवाह नहीं की कि वह वास्तव में ऐसा क्यों करता है - पर कुछ दिन पहले तक। एक रात,कोई काम खत्म करके,मुकुल घर के लिए निकल रहा था,तब लिफ्ट तक पहुँचते ही उसने अपने सहयोगियों के साथ वार्तालाप को बीच में ही छोड़ दिया। जब उनमें से एक ने उसे लिफ्ट में आने को कहा,तो इंकार करते हुए वह फुर्ती से सीढ़ियों से निकल गया। इस असाधारण व्यवहार से स्तब्ध होकर,उसके सहयोगियों ने नीचे उतर कर उससे इस मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला किया। तब मुकुल ने उनसे कहा कि उसे बंद जगहों का गहन डर था।

क्लॉस्ट्रोफोबिया सीमित जगहों का विवेकरहित डर है, जहां से एक व्यक्ति मानता है कि निकलना संभव नहीं है। क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों में हल्की उत्कंठा या यहां तक की गंभीर त्रास के हमलों का भी अनुभव हो सकता है। वे ये भी अनुभव कर सकते हैं:

• कंपकंपी या सिहरन; ठंड लगना

• सांस की तकलीफ और सीने के चारों ओर कसे जाना का अनुभव 

• तेज धडकन

• घिग्घी की अनुभूति

• जी मिचलाना

• सिर चकराना

कभी-कभी, ऐसी स्थिति में होने का विचार भी त्रास के लक्षणों को सक्रिय कर सकता है। क्लैस्ट्रोफोबिया से पीड़ित लोग इन में से कुछ सामान्य स्थितियां से दूर रहने की कोशीश करते  हैं:

• लिफ्ट

• छोटे कमरे

• सार्वजनिक शौंचालय

• सुरंग / तलमार्ग

• एक अति संकुलित जगह में फंसना

इन स्थितियों से बचने के लिए, क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित लोग निम्नलिखित व्यवहार प्रदर्शित करते हैं:

• कई मंजिलों पर चढ़ना पड़े तब भी वे लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करते हैं।

• जब वे लोगों के साथ कमरे में होते हैं, तो वे बाहर निकलने के दरवाज़ों के समीप खड़े रहना का प्रयास करते हैं।

• भीड़भाड़ के दौरान यात्रा से बचते है।

• कमरे में होने पर दरवाजे को खुला रखने को कहते है।

कारण

अधिकांश भित्तियों की तरह, क्लॉस्ट्रोफोबिया आमतौर पर बचपन के किसी दर्दनाक अनुभव का परिणाम होता है। क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित लोगों के लिए, इनमें से कुछ अनुभव हो सकते हैं:

• भीड़ में लंबे समय तक माता-पिता से अलग होना।

• पानी में गिरना और तैरने में असमर्थ होना।

• खाई या गहरी नाली में गिरना और कुछ देर के लिए वहां अटक जाना।

हालांकि, अन्य जैविक और अनुवांशिक कारण हैं जिनके कारण एक व्यक्ति क्लॉस्ट्रोफोबिया विकसित कर सकता है।

इलाज

क्लॉस्ट्रोफोबिया के लिए उपचार मुख्य रूप से चिकित्साविधान आधारित है, जबकि उत्कंठा के लक्षणों के प्रबंधन के लिए निर्धारित दवा हो सकती है। आमतौर पर, संज्ञानात्मक स्वभावजन्य थेरेपी (सीबीटी) क्लॉस्ट्रोफोबिया के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है, और इसमें व्यक्ति को अपने त्रास को संचालित करने वाली परिस्थितियों से भी गुजरना पढ़ सकता है।

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