योगा न करने के बहाने

आजकल शारीरिक फ़िटनेस को लेकर लोग इतने जागरूक हो गये हैं कि सभी योगाभ्यास भी करने लगे हैं. परंतु योगा करने के लाभों को जानते हुए भी हममें से कई लोग इसे नियमित रूप से नहीं करते हैं.

योगाभ्यास नहीं करने के आम बहाने निम्नलिखित हैं:

१) मेरा शरीर उतना लचीला नहीं है

योगा करने के लिये लचीलापन का होना ज़रूरी नहीं है. नियमित रूप से योगा करते करते शरीर की माँसपेशियाँ अपने आप समान रूप से विकसित होती हैं और लचीलापन बढ़ाती हैं. हम अपने शरीर की प्रकृति के अनुसार योगा के विभिन्न अभ्यास कर सकते हैं.

२) समय की कमी

किसी भी गतिविधि को न कर पाने का ये आम बहाना हो गया है. अक्सर लोग इस गलतफ़हमी मे रहते हैं कि योगाभ्यास के लिये काफ़ी घंटे ध्यान करने की ज़रूरत है. मगर ऐसा नहीं है. सिर्फ़ उन्नत रूप के योगाभ्यास के लिए बहुत समय चाहिए पर अपने अनुकूल एवं निर्धारित समय के लिए हम कुछ अभ्यास अपनी अनुसूची में फ़िट कर सकते हैं.

३) योगा मेरे लिए बहुत उन्नत है

ये ज़रूरी नहीं है कि हम दूरदर्शन पर दिखाए जानेवाले सभी कठिन आसनों का अभ्यास करें, शुरुआत आसान आसनों से करते हुए धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं.

४) रोज़ दौड़ना या जिम जाना बेहतर होगा

दौड़ना या जिम जाना शारीरिक विकास के लिए अच्छा ही है पर अपनी दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करने के कईं और लाभ भी होते हैं जैसे- चोट लगने से रोकना.

५) योग-कक्षाएँ महँगी हैं

कुछ हद तक यह कहना सही है कि शहरों के योग-केंद्रों में फ़ीस बहुत ज़्यादा है. लेकिन ‘बेसिक कोर्स’ के लिए फ़ीस इतनी नहीं जितनी जिम की होती है. अगर ये भी मुमकिन नहीं है तो आप ऑनलाइन वीड़िओस देखकर या अपने फ़ोन में योगा के फ़्री ‘एप’ ड़ाउनलोड़ कर सीख सकते हैं.

६) बड़ी बोरियत होती है

पहले भी आपके साथ ऐसा हुआ होगा कि कोई फ़िल्म देखकर या कोई किताब पढ़कर आपको बड़ी बोरियत महसूस हुई होगी लेकिन वही चीज़ें कुछ सालों के बाद अत्यंत रोचक लगी होंगी. ठीक इसी प्रकार योगा भी आपको शुरुआत में बोरिंग लगेगा परंतु निरंतर अभ्यास के साथ दिलचस्पी बढ़ती जाएगी क्योंकि इससे आपका मूड़ अच्छा होता है और आपके मन को भी सुख, संतोष और शांति मिलती है. वास्तव में आप योगा का आनंद लेने लगेंगे.