आपको हेल्पलाइन पर कब कॉल करनी चाहिए?

हेल्पलाइन क्या है?

हेल्पलाइन एक ऐसी सुविधा है जो परेशानी में पड़े लोगों को गैरआलोचनात्मक ढंग से सुनने की सुविधा देती है। यह सुविधा अधिकतर फोन कॉल करने पर उपलब्ध होती है। कुछ सप्ताह भर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती हैं और कुछ ने काम के घंटे निर्धारित कर रखे हैं। भावनात्मक कठिनाई में व्यक्ति इन हेल्पलाइन पर कॉल कर के मदद मांग सकता है।

हेल्पलाइन को कॉल क्यों करें?

हम सभी के जीवन में ऐसे तनाव और चुनौतियाँ होते हैं, जिनका सामना करना कठिन होता है। कुछ बार तो हम इस तनाव को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा कर पाते हैं पर कभी कभी हम ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि हमें डर होता है कि हमारा इससे आंकलन किया जा सकता है या इसलिए कि हमें डर होता है कि हमारे

र्दगिर्द के लोग इसके कारण हमें अलग नजरिए से देखने लगेंगे और उसी तरह से हमारी व्याख्या करने लगेंगे। कुछ मामलों में तो हम अति संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियाँ सबसे करीबी लोगों से भी साझा नहीं करना चाहते हैं। कभी कभी, जब हम व्यथा के चरम पर होते हैं तब चाहते हुए भी संपर्क नहीं हो पाने के कारण साझा नहीं कर पाते हैं। या कभी कभी, हमें कुछ नहीं पता होता कि हमें क्या करना चाहिए और किसी ऐसे से कुछ कहना चाहते हैं जो कोई प्रतिक्रिया न दे, सिर्फ संभावित कार्रवाइयों पर बात करने से स्थिति साफ होती है। आप इनमें से किसी भी दशा में हेल्पलाइन को कॉल कर सकते हैं। देश के कई हिस्सों में मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता लेने से हेल्पलाइन के सेवा लेना कहीं आसान होता है।  

जब आप हेल्पलाइन को कॉल करते हैं आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता है और पाने को सब कुछ होता है। ज्यादातर हेल्पलाइन मुफ्त में सेवाएं देतीं हैं (सिर्फ टेलीफोन कॉल के मामूली खर्चे देने होते हैं), और कुछ ने स्टाफ में प्रशिक्षित परामर्शदाताओं को रखा है जो मनोवैज्ञानिक सहारा दे सकते हैं। आपकी जानकारियां गुप्त रखी जाती हैं। आंकलन किए जाने के डर के बिना और गोपनीयता के आश्वासन के साथ आपके पास मानसिक व्यथा देने वाली किसी भी चीज़ के बारे में बात करने की स्वतंत्रता होती है। हेल्पलाइन परामर्शदाता आपकी ज़रूरत का भी अनुमान लगाते हैं कि आपको निकटतम संसाधन के बारे में बताते हैं।

क्या हेल्पलाइन संकट की स्थिति के लिए ही होती है?

हेल्पलाइन न तो केवल संकट की स्थिति के लिए होती है, और न ही केवल उन लोगों के लिए जिनके मामले जान के लिए खतरा हो। आप अपनी किसी भी समस्या, या उसके समाधान की मदद लेने के लिए हेल्पलाइन को कॉल कर सकते हैं। यदि आप को लगता है कि मानसिक स्वास्थ्य का मामला है तो किसी अन्य व्यथित व्यक्ति की ओर से भी सूचनाएं व मदद लेने के लिए कॉल सकते हैं।

क्या केवल फोन पर ही मदद ले सकते हैं?

कुछ हेल्पलाइन तो केवल फोन पर ही उपलब्ध हैं, वहीं कुछ अन्य, जैसे टीस (टीआईएसएस) आईकॉल (iCall), ई-मेल के जरिए भी मनोवैज्ञानिक सहारे की पेशकश करतीं हैं। जबकि कुछ अन्य, जैसे परिवर्तन और स्नेहा आमने-सामने बैठकर परामर्श देती हैं।

जब मैं हेल्पलाइन पर कॉल करता हूँ तो क्या अपेक्षा रखूं?

जब आप हेल्पलाइन पर कॉल करते हैं तो आप अपेक्षा कर सकते हैं:

  • कि आप ऐसे परामर्शदाता या स्वयंसेवक से बात करें जिसे परामर्श कला और प्रशिक्षण प्राप्त है।

  • कि परामर्शदाता गैर आलोचनात्मक दृष्टिकोण रख, सहानुभूतिपूर्ण श्रोता है

  • कि परामर्शदाता से बात करके आप को अपनी समस्या बेहतर समझ आएगी

  • कि बात करने का वह स्थान जहाँ किसी भी मुद्दे को गैर आलोचनात्मक ढंग से सुना जाए

  • कि आपकी समस्या में आगे और सहायता लेने के लिए जानकारी मिलेगी

  • कि एक ऐसे विशेषज्ञ के लिए सन्दर्भ जो आपकी सहायता कर सके

  • आप को हो सकने वाली अन्य व्यवहारिक सहायता जैसे बाल शोषण की स्थिति में बच्चों के लिए हेल्पलाइन की जानकारी देना

हेल्पलाइन पर कॉल करने पर मुझसे क्या सवाल पूछे जाएंगे?

आप जब हेल्पलाइन को कॉल करेंगे तो परामर्शदाता अपना परिचय देने के बाद आपका नाम पूछेगा और कॉल के दौरान लगने वाला वक्त बताएगा। हर हेल्पलाइन के अपने तय दिशानिर्देश होते हैं कि कॉल से कितनी देर बात करनी है। परामर्शदाता वांछित संदर्भ के लिए आपकी उम्र और स्थान भी पूछ सकता है। यदि आपको नाम बताने में किसी तरह की दिक्कत हो तो हो सकता है वे पूछें कि आपको किस नाम से बुलाया जाए। जिससे आप बातचीत के दौरान सहज रहें। परामर्शदाता आपको हेल्पलाइन की गोपनीयता रखने की नीतियों से भी अवगत करा सकता है।

मैं किन समस्याओं के लिए हेल्पलाइन को कॉल करूं?

कई तरह की हेल्पलाइन होतीं हैं, और आप का हेल्पलाइन को लेकर चयन यह तय कर सकता हैं कि आप क्या सुविधा चाहते हैं। ज्यादातर हेल्पलाइन आपकी समस्या सुनकर सुझाव देती हैं। कुछ अन्य में विशिष्ट सूचनाएं होती हैं कि कैसे आप आमने-सामने बैठकर पेशेवरों की मदद ले सकते हैं। भारत में जो हेल्पलाइन काम कर रहीं हैं वे खास विषयों : आत्महत्या, घरेलू हिंसा और बाल व्यभिचार और लेस्बियन, गे, उभयलिंगी और ट्रांसजेंडर जैसे सेक्स जनित मुद्दों पर केंद्रित हैं। ये हेल्पलाइन विशिष्ट सूचनाओँ और संसाधनों की जानकारी देकर कॉल करने वाले की समस्या को दूर करतीं हैं।

क्या मैं किसी परिजन या मित्र के लिए मदद मांगने को कॉल कर सकता हूं?

हां! आप अपने से जुड़े किसी व्यक्ति की बीमारी या समस्या से निजात के लिए भी हेल्पलाइन को कॉल सकते हैं और वे उचित संसाधन की जानकारी देंगे हालांकि, आप उनकी मर्जी के खिलाफ सलाह नहीं ले सकते हैं। ज्यादा बेहतर प्रभाव के लिए तो व्यक्ति को खुद ही ऐसा करना चाहिए। हालांकि परामर्शदाता संबंधित व्यक्ति के करीब पहुंचकर आपके भय, व्यग्रता आदि दिक्कतों के निदान के लिए सहायता कर सकते हैं।

अगर मैं हेल्पलाइन में कॉल करता हूं तो मुझसे कौन बात करेगा?

जब आप हेल्पलाइन में कॉल करते हैं तो आशा कर सकते हैं कि आप परामर्शदाता से बात कर रहे हैं जिसे कुछ हद तक मनो-सामाजिक मदद देने का प्रशिक्षण है। जो व्यक्ति आपके प्रश्नों के उत्तर दे रहा होगा उसकी योग्यता हेल्पलाइन के नियम-कानून के अनुरूप होगी। बंगलुरू की संस्था परिवर्तन (Parivarthan) जो कि हेल्पलाइन चलाती है, में सलाहकारों को परामर्श कौशल में एक एक साल का प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया जाता है। बच्चों और किशोरों के लिए परामर्श कौशल पर उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे वे बच्चों, किशोरों और युगलों व परिवार के बारे में बेहतर राय दे सकें। वहीं, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस द्वारा चलाई जा रही संस्था ‘आइकॉल’ (‘iCall’) में क्लीनिकल मनोविज्ञान या एप्लाइड मनोविज्ञान में परास्नातक पेशेवर स्टाफ है।

कुछ हेल्पलाइन, स्वयंसेवक चलाते हैं, जबकि कुछ अन्य लोग पूर्णकालिक कर्मचारी है। इन्हें भी काम शुरू करने से पहले टेलीफोन परामर्श देने में प्रशिक्षित किया जाता है भले ही वे स्वयंसेवक, अंशकालिक या पूर्णकालिक कर्मचारी हों। कुछ हेल्पलाइनों में ऐसे लोग हैं जो खुद किसी तरह के संकट में रहे हैं और अब वे उसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे अन्य लोगों की मदद करना चाहते हैं।

क्या मेरी जानकारी साझा की जाएगी?

हेल्पलाइन आमतौर पर गोपनीय स्वभाव की होती हैं। ज़्यादातर हेल्पलाइनें फोन करने वाले का नाम, संपर्क नंबर या कोई अन्य पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा नहीं करती हैं, जब तक कि फोन करने वाला अपने या आसपास दूसरों के लिए जान का खतरा न बनने वाला हो। यदि आप हेल्पलाइन को कॉल कर रहे हैं और अपने डेटा को गुप्त रखने के बारे में कुछ आश्वासन चाहते हैं, तो आप फोन की शुरुआत में ही परामर्शदाता से पूछ सकते हैं कि उनकी नीति क्या है? ज़्यादातर हेल्पलाइनों की नीतियाँ वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से लिखी होती हैं, तो आप कॉल करने से पहले उन्हें पढ़ सकते हैं।

मैं आमने-सामने परामर्श नहीं चाहता-क्या मैं तब भी हेल्पलाइन को फोन कर सकता हूं?

लम्बे समय के परामर्श के लिए कोई भी हेल्पलाइन विकल्प नहीं हो सकती। यह अलग बात है कि हर किसी को मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक की जरूरत नहीं होती है। हेल्पलाइन परामर्शदाता यह पता लगाता है कि आपके मामले में किसी अतिरिक्त मानसिक स्वास्थ्य सेवा की जरूरत है भी या नहीं। यदि ऐसा है तो वह आपको सम्बंधित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देगा या आपके ही क्षेत्र के किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाने को कह सकता है।

क्या हेल्पलाइन परामर्श से मेरी सारी मानसिक दिक्कतों को ठीक कर सकता है?

हेल्पलाइन परामर्श से सारी मानसिक दिक्कतों का यथोचित इलाज संभव नहीं है। कुछ मानसिक बीमारियों में दवा, उपचार या पुर्नवास की जरूरत होती है। आपको मनोचिकित्सके पास भेजा जा सकता है जो आपका इलाज करेगा।

हेल्पलाइन को कॉल करने के दौरान क्या नहीं करना चाहिए:

यदि आप एक हेल्पलाइन को कॉल कर रहे हैं, यह जान लेना मददगार होगा कि हेल्पलाइन क्या करती है और क्या नहीं करती है। यहाँ कुछ बातें हैं जो कि कॉल करने के दौरान नहीं करें:

  • कभी भी यह अनुमान न लगाए कि केवल एक कॉल से आपकी सारी समस्याओं का निदान हो जाएगा। कुछ समस्याएं गंभीर होती हैं जिन्हें लम्बे समय तक सहायता की जरूरत पड़ती है।

  • अपनी समस्या की जिम्मेदारी से पीछा न छुड़ाएँ। सिर्फ परामर्शदाता को बता देने से समस्या हल करना उनकी जिम्मेदारी नहीं हो जाती है।

  • सुझाव मत मांगें: मुझे क्या करना चाहिए? परामर्श का आशय होता है कि वह आपको सशक्त बनाए कि आप स्वयं की दक्षता से चुनौतियों को पार कर सकें, और परामर्शदाताओं को आपकी समस्याओं के समाधान की पेशकश करने के लिए नहीं है।

  • उनको न बताएं उन्हें क्या करना है: एक हेल्पलाइन पर्यवेक्षक ने बताया कि कैसे माता पिता फोन करके परामर्शदाता से कहते हैं वह बच्चे से ऐसा करने को कहें जो वे करवाना चाहते हैं। यह बच्चे के लिए अच्छा नहीं है, जो आगे माता-पिता से अलग- थलग हो सकता है जब उसे लगेगा कि \माता-पिता और काउंसलर उनके खिलाफ मिली भगत कर रहे हैं।

  • गाली-गलौच या सुविधा का दुरुपयोग न करें: हेल्पलाइन को कॉल करके अपमानजन शब्दों का प्रयोग या अपनी यौन कल्पनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा न करें।

  • "बस चैट करने के लिए" कॉल न करें - एक हेल्पलाइन काउंसलर एक पेशेवर या स्वयंसेवक है जो अपनी सेवाएं दे रहा है, वह आपका दोस्त नहीं है। इस रिश्ते की औपचारिकता को बनाए रखना जरूरी है। सिर्फ एक दोस्ताना बातचीत के लिए अगर आप फोन कर रहे हैं तो हो सकता है कि कोई जरूरतमंद इस सुविधा से वंचित रह जाए।

     

मुझे कैसे पता चलेगा कि कौन सी हेल्पलाइन मेरे लिए है?

किसी भी एक तरीके से यह नहीं जाना जा सकता है जिस हेल्पलाइन में आपने कॉल किया वह आपके लिए श्रेष्ठतम है। यहां यह जरूरी है कि आप हेल्पलाइन की गोपनीयता की नीतियों के साथ सहज महसूस करते हैं, और आपको अपनी जानकारी साझा करने में कितना ऐतबार है। कॉल करने के बाद आप त्वरित समीक्षा कर सकते हैं: क्या आपकी जरूरतें पूरी हुईं? क्या आप अपने सवालों, चिंताओं और साझा की गई जानकारियों पर परामर्शदाता के व्यवहार से संतुष्ट हैं? क्या कॉल करने से आपको बेहतर महसूस करने में सहायता मिली या आपने कुछ स्पष्टता या जानकारी पायी? अगर आपका जवाब न है, तो आपको अपनी पसंद की हेल्पलाइन चुनने के बारे में फिर से सोचना चाहिए।

 

संसाधन

  1. सहाय

स्थान: बैंगलोर

द्वारा संचालित:सहाय, निमहांस, मेडिको पैस्टोरल एसोसिएशन और रोटरी बैंगलोर ईस्ट के सहयोग से संचालित

लक्ष्य समूह: कोई भी जो भावनात्मक संकट में है

हेल्पलाइन नंबर: 080 - 25497777

काम के घंटे: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक

वेबसाइट / ई-मेल: http://www.sahaihelpline.org

 

2. परिवर्तनकाउंसलिंग हेल्पलाइन

स्थान: बैंगलोर

द्वारा संचालित:परिवर्तन परामर्श, प्रशिक्षण और अनुसंधान केंद्र

लक्ष्य समूह: जो कोई भी भावनात्मक संकट में है

हेल्पलाइन नंबर: 080 - 65333323

काम के घंटे: सोमवार से शुक्रवार, शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक

भाषाओं का समर्थन: अंग्रेजी, कन्नड़, हिन्दी, तमिल, पंजाबी, मराठी, उड़िया, बांग्ला

वेबसाइट/-मेल: http://www.parivarthan.org/

 

3.आईकॉल(iCall)

स्थान:मुंबई

द्वारासंचालित:टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान

लक्ष्य समूह: जो कोई भी भावनात्मक संकट में है

हेल्पलाइन नंबर: करने के लिए 022-25563291or लिखने icall@tiss.edu

काम के घंटे: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक

भाषाओं का समर्थन: अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तमिल, मलयालम वेबसाइट/-मेल: https: //www.tiss.edu/view/11/projects/icall-telephonic-counselling-service-for-individua/


 

4.निमहांस बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन

स्थान: बैंगलोर

द्वारासंचालित:मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान राष्ट्रीय संस्थान

लक्ष्य समूह: भावनात्मक संकट में बुजुर्ग नागरिकों

हेल्पलाइन नंबर: 080-26685948 या 09480829670

काम के घंटे: सोमवार से शनिवार, सुबह 9.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक

भाषाओं का समर्थन: अंग्रेजी, कन्नड़

वेबसाइट/-मेल: nimhans.wellbeing@gmail.com

 

5.स्नेहा भारत

स्थान:चेन्नई

लक्ष्य समूह: आत्महत्या के विचार के साथ व्यक्तियों

हेल्पलाइन नंबर: 044-24640050; 91-44-2464 0060 या ई-मेल help@snehaindia.org

काम के घंटे: हेल्पलाइन 24/7 काम करता है। सोमवार से रविवार के बीच लोग सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक केंद्र पर जा भी सकते हैं


6. 1098

लक्ष्य समूह: शारीरिक या भावनात्मक संकट में बच्चे

हेल्पलाइन नंबर: 1098

काम के घंटे: सप्ताह भर चौबीसों घंटे

वेबसाइट/-मेल: http://www.childlineindia.org.in/1098/b1b-partnership-model.htm