अपनी मानसिक बीमारी को ठीक करने के लिये मैने संयुक्त कार्यस्थल पर जाने का फैसला किया

कुछ वर्ष पहले, मैं एक व्यस्त कॉर्पोरेट नौकरी में था। यह तनाव से भरा काम था और मुझे लंबे समय तक काम में लगे रहना होता था। मेरे सामने अनेक चुनौतियां थी, भौतिक और संवेदनात्मक दोनो। कुछ ही वर्षों बाद मुझे फिब्रोमेल्जिया होने का पता लगा, साथ ही एन्डोमेट्रियोसिस और सामान्य व्यग्रता की समस्या भी थी। अब मैं तनाव और लंबे काम के घन्टे और नही झेल सकता था। मैने नौकरी छोड़ दी और पढ़ाई के लिये ब्रेक लिया।

मेरे ब्रेक के बाद, मैने यह जानने की कोशिश की, कि क्या मैं अपने पुराने काम पर वापस जा सकता हूं, या कुछ और कर सकता हूं। मैने देखा कि स्थान, तनाव और काम करने के घन्टे मिलकर मेरे लिये तनाव को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यह संस्थान संयुक्त प्रकार का नही था, मैं अपनी समस्याएं वहां किसी के साथ बांट नही सकता था, और न ही किसी से मदद की उम्मीद कर सकता था।

फिर मैने ऎसे संस्थान के साथ काम करना शुरु किया जहां पर अलग प्रकार के कामों के लिये स्थान था, वह संयुक्त प्रकार का संस्थान था। अब मैं ऎसे स्थान पर हूं जहां पर प्रबन्धन और मेरे सहकर्मी मेरी समस्या को समझते हैं और यह मुख्य रुप से इस स्थान के कारण है। मेरा फिब्रोमेल्जिया का अर्थ है मुझे कुछ दिनों में काफी दर्द और थकान रहती है, कई बार मेरे मस्तिष्क पर धुंध सी छा जाती है और मैं स्पष्ट रुप से सोच नही सकता। इन दिनों में, मुझे घर पर रहने का चुनाव करने की स्वतंत्रता है। मेरे काम करने के घन्टे सख्त नही है और वे मेरी यात्रा को लेकर व्यग्रता को समझते हैं और मुझे इसकी छूट देते हैं।

मेरे नए संस्थान में, बिना मेरे साथ निर्णायक हुए, मुझे मदद करने की सुविधा मिलती है, और इससे मुझे बहुत आराम मिलता है।


*निवेदन पर नाम बदला गया है।