लगातार ताने सुनकर मुझे अपने शरीर से नफरत होने लगी थी

बेनामी, महिला, 24

जब मैं एक बच्ची थी, तब चुन-चुनकर खाती थी। शायद आठ साल की उम्र से मैंने अच्छी तरह से खाना शुरू किया था। धीरे-धीरे (शायद तब मैं 10 वर्ष की थी) मेरा वजन बढ़ने लगा - और लोगों ने इस ओर इशारा करना शुरू कर दिया।

तब मेरा सपना एक मॉडल बनने का और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता जीतने का था, लेकिन मुझे बताया गया कि मुझे यह ताज हासिल करने के लिए पतला और सुंदर होना था। तब मुझे एहसास हुआ कि सौंदर्य के पारंपरिक 'मानकों' के हिसाब से मेरा शरीर नहीं है।

अगर मैं इसके बारे में सोचती हूं, तो मैं एक बुरी दिखने वाला बच्ची नहीं थी, लेकिन - मेरे परिवार और मेरे दोस्तों- ने मुझे लगातार अपने वजन पर ताने मारकर बुरा महसूस कराया। मुझे याद है उनकी उपस्थिति से मैं बेहद सतर्क रहती थी। मैंने अपने शरीर से नफरत करना शुरू कर दिया।

जब मैं 12 वर्ष की थी, उस समय मेरे माता-पिता एक आहार-विहार के नियमों का पालन कर रहे थे जिसमें योग और परहेज़ शामिल था। मुझे भी इसमें शामिल कर लिया गया। अगले तीन महीनों में, मैंने 12-13 किलोग्राम वजन कम कर लिया, और इस दौरान मेरे बाल बहुत ज्यादा गिरने लगे। अपने स्कूल के दिनों में मुझे मोटी कहकर पुकारा जाता था, और यह नाम आदतन अभी भी मेरे साथ चिपका हुआ है। हालांकि मैंने पतला दिखने के लिए पर्याप्त वजन कम कर लिया था, लेकिन मैं कैसी दिखती हूं, इसे लेकर मैं नाखुश थी। मैं अभी भी असंतुष्ट थी। मेरे दोस्तों ने चलने के तरीके को लेकर जिस तरह मेरा मजाक बनाया, तो मैं उस पर भी बहुत ज्यादा जागरूक हो गई।

मैंने कॉलेज ज्वाइन कर लिया और इस दौरान फिर से मेरा वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया खा। मेरे शरीर की नापसंदगी के साथ ही लगातार वजन घटने और वजन बढ़ने से मुझे चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं ने घेर लिया। मुझे बाद में पता चला कि मैं पीसीओडी से भी पीड़ित हूं। यह तब हुआ जब मैंने अवसाद और चिंता के कुछ लक्षणों का अनुभव किया।

मेरी मां एक पूर्णतावादी महिला हैं। मेरी माँ के निपुणता के प्रयासों ने मुझे अपने बजाय उनके लिए खुद को उत्कृष्ट बनाने की चाह जगाई। मैं अक्सर डरी-सहमी और गिरी हुई महसूस करती हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि मैं अच्छी नहीं दिखती हूं, मैं भूल जाती हूं कि विकास एक प्रक्रिया है यह सिर्फ ऊपर की ओर बढ़ते रहने वाला ग्राफ नहीं है। इस कारण, मुझे गंभीर चिंता की समस्याओं का सामना करना पड़ा। मैं अपनी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक सलाहकार के पास जाती हूं। मुझे याद है कि मेरे डॉक्टर मुझसे पूछते हैं कि क्या मैंने तनाव में ज्यादा खाया - और मैंने ऐसा किया।

किस चीज ने मेरी मदद की? पेशेवर मदद लेने के अलावा, मैंने अपने सबसे अच्छी दोस्त को शारीरिक छवि की समस्या से गुजरते देखा। बाहरी तौर पर वह एक खूबसूरत महिला है, लेकिन उसे लगता है कि वह मोटी है। पूरी जिंदगी, उसे वजन कम करने और ठीक तरह से दिखने के लिए कहा गया था। इससे मुझे एहसास हुआ कि यह आपके आस-पास के लोगों और वे क्या सोचते हैं इसकी वजह से है, यही कारण है कि हम एक निश्चित तरीके से खुद को नकारात्मक या सकारात्मक समझने लगते हैं। मेरे अनुसार, एक सकारात्मक शारीरिक छवि, वह अहसास है कि आपको परफेक्ट दिखने एवं स्वीकार्यता के लिए अपने शरीर के हिस्सों को बदलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह वही शरीर है जिसके साथ आप पैदा हुए थे।

जैसा कि व्हाइट स्वान फाउंडेशन को बताया गया था। पहचान उजागर न करने के लिए नामों को छिपाया गया है।