मादक पदार्थ की लत वाले किसी मित्र से बात करना चाहते हैं, लेकिन पता नहीं कि कैसे करें?

किसी प्रियजन से उनके नशे की आदत के बारे में बात करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसे सहज बनाने के कुछ उपाय

श्रीरंजिता जेउर्कर

किसी प्रियजन को नशीले पदार्थ की लत से जूझते देखना कष्टदायी हो सकता है। इसके बारे में बातचीत शुरू करना भी मुश्किल हो सकता है - अगर वह नाराज हो गया तो क्या होगा? क्या वह मेरी बात सुनेगा भी? क्या मेरा हस्तक्षेप उसकी मदद करेगा?

(पढ़ें: व्यसन का प्रभाव)

किसी लत के शिकार व्यक्ति  को व्यसन छोड़ने का फैसला करने से पहले प्रेरणा या तैयारी के विभिन्न स्तरों से गुजरना पड़ता है। आपके सुझाव पर अमल करेंगे या नहीं यह इस पर निर्भर करता है कि उनकी तैयारी किस स्तर पर है और सभी बदलावों के साथ, जब प्रेरणा अपने भीतर से आती है तभी यह सबसे प्रभावी होता है।

व्यसन वाले व्यक्ति  को अपनी बुरी आदत से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पता हो सकता है लेकिन मादक पदार्थ (चाहे अल्कोहल, तंबाकू या ड्रग्स) का उपयोग बंद करने में असमर्थता महसूस करता है। यदि आपके मित्र या सहयोगी के साथ आपके बेहतर रिश्ते हैं, तो आपका हस्तक्षेप उन्हें दिलासा देता है कि उन्हें लत से छुटकारे का प्रयास करने में उन्हें आपका समर्थन प्राप्त है; और यह उन्हें मदद पाने के लिए प्रेरित भी करता है।

(पढ़ें- व्यसनः क्या यह सिर्फ़ मर्ज़ी की बात है?)

लत के शिकार व्यक्ति से क्या नहीं कहना है

अक्सर, व्यसन के शिकार किसी व्यक्ति से बात करते समय, हमारी चिंता हमें कुछ ऐसा कहने के लिए प्रेरित करती है जो उसे दोषी ठहराती है, खासकर जब हमारी बात का अर्थ यह होता है कि वे गलत रास्ते पर जा रहे हैं। इनमें ऐसी बातें शामिल हो सकती हैं जैसे कि:

क्या तुम्हें नहीं लगता कि तुम अपना जीवन और स्वास्थ्य बर्बाद कर रहे हो?

क्या तुम्हें अपने परिवार और बच्चों की परवाह नहीं है?

तुम इस दलदल से बाहर नहीं निकल सकते।

तुम एक गैरजिम्मेदार पति/ कर्मचारी/ माता-पिता बनते जा रहे हो।

तुम्हारी सारी समस्याओं का कारण शराब ही है।

सुनने वाला व्यक्ति, समालोचना के ढंग में कही गई आपकी किसी भी टिप्पणी को आक्रामक समझ सकता है, और आपकी बातों पर विचार करेने की संभावना भी कम हो जाती है।

इसके बजाय मुझे क्या कहना चाहिए?

बातचीत को हल्के ढंग से शुरू करें। समय महत्वपूर्ण हो सकता है: यदि वे नशे में हैं या शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो यह असंभव ही है कि वे आपको सुनने की मन:स्थिति में होंगे। उनसे वार्तालाप शुरू करने से पहले यह जांच लें कि वे आपसे बात करने में इच्छुक हैं भी या नहीं।

आप उन व्यवहारों का जिक्र करके वार्तालाप शुरू कर सकते हैं जिन्हें आपने देखा है। "मैंने देखा है कि हाल ही में अक्सर तुम्हारे काम में लेटलतीफी होने लगी है और मैं तुम्हारे बारे चिंतित हूं।" एक व्यक्ति, जो किसी लत का शिकार है, वह इस बात पर ध्यान दे पाता है कि उसकी आदत रिश्तों और उसके आसपास के लोगों को कैसे प्रभावित कर रही है और यह जानकारी उसे एक परिप्रेक्ष्य प्रदान कर सकती है। यह आपकी चिंता के साथ आगे की बातचीत जारी रखने में मदद करती है।

नशीले पदार्थ के प्रतिकूल प्रभावों का जिक्र करने के बजाय, आप उसके स्वास्थ्य या उसकी इस आदत के कारण काम पर पड़ रहे प्रभाव, या ऐसी कोई बात जो उसके लिए महत्वपूर्ण हो, उस बारे में बात करें। "मैंने देखा है कि तुम पिछले कुछ हफ्तों से काम पर पहुंचने में लगातार देरी कर रहे हो। क्या कोई समस्या है? क्या तुम्हें मदद की जरूरत है?"

अगर वे आपको अपनी आदत के बारे में बताना चाहता है या वह नशीले पदार्थ का उपयोग क्यों करता है, इस बारे में बताना चाहता है, तो बिना टोके उसकी बात सुनें - उसे स्वयं को व्यक्त  करने का मौका दें, भले ही वह ऐसा कुछ कह रहा हो, जिससे आप सहमत नहीं हैं; उसके दृष्टिकोण पर विचार करें। हो सकता है कि वह तनाव या अकेलेपन के कारण नशीले पदार्थ का उपयोग कर रहा हो, या यहां तक कि उसे छोड़ना चाहता हो, लेकिन यह नहीं जानता कि कैसे छोड़ूं और इसे लेकर वह हताशा महसूस करता हो।

निर्णय उसपर छोड़ दें: "क्या तुम नशे की लत छोड़ने में किसी तरह की मदद चाहते हो?"

उसे सहारा देने के बारे में आश्वासन दें और मजबूर किए बिना उसे सहायता का विकल्प प्रदान करें।

लेकिन मैं उसके बारे में बहुत चिंतित हूं और मुझे नहीं पता कि मैं उससे संतुलित बातचीत कर सकता हूं...

किसी मित्र या प्रियजन से उसकी नशे की लत छुड़वाने या इसके लिए मनाने को लेकर बातचीत करना बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनके क्रियाकलापों से उन्हें अलग करना और यह जानना आसान नहीं है कि उन पर आपके प्रभाव की सीमा कहां समाप्त होती है। यही कारण है कि आत्म-देखभाल पूरी तरह से आवश्यक हो जाती है। वार्तालाप शुरू करने से पहले, खुद जान लें कि अपने प्रियजन से बात करने के लिए आपको किस तरह की सहायता चाहिए। इसमें शामिल है, किसी ऐसे व्यक्ति  के साथ बातचीत करना जिस पर आप भरोसा करते हैं या परामर्शदाता या हेल्पलाइन, जिससे स्पष्ट हो जाए कि आपको पीड़ित व्यक्ति से बातचीत में क्या कहना चाहिए और क्या नहीं। इसके साथ ही लत के शिकार व्यक्ति से मिलने वाली रक्षात्मक प्रतिक्रिया के लिए भी तैयार रहें।

पीड़ित व्यक्ति यदि मदद लेने में इच्छुक न हो तो आप सिर्फ इंतजार ही कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो आप असहाय, क्रोधित या निराश महसूस कर सकते हैं। लेकिन अगर आप चिंता या भावनाओं में बह रहे हैं तो परामर्शदाता या मनोचिकित्सक से मिलना आपकी मदद कर सकता है।

यह अंश डॉ. दिव्य नल्लूर,वरिष्ठ सलाहकार मनोचिकित्सक,पीपुल ट्री मार्ग,बैंगलोर से इनपुट के साथ लिखा गया है।  

 

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