परीक्षा चिंता को इलाज

डेडलाइन के समीप आते ही हम सभी चिंतित और काफ़ी उत्सुक भी हो जाते हैं. ये तांत्रिक प्रतिक्रियाएँ स्वाभाविक हैं और लाभदायक भी क्योंकि इससे हम अधिक सतर्क हो जाते हैं. लेकिन यही चिंताएँ हमारी दिनचर्या में हस्तक्षेप करने लगे तो क्या होगा? कुछ लोग ऐसी चिंताओं के कारण दैनिक कार्यों में ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ क्यों हो्ते हैं? जब चिंता एक व्यक्ति के दैनिक कार्य करने की क्षमता को बाधित करे तो यह एक चिंता विकार हो सकता है और व्यक्ति को एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से मदद लेनी चाहिए.

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यह केवल एक मानसिक स्वास्थ्य मुद्दा है जब यह लंबी अवधि तक होता है, और तब होता है जब व्यक्ति को चिंता करने के लिए कोई स्पष्ट कारण नहीं है.

लक्षण

चिंता एक स्वाभाविक भावना है, इसलिए अगर कोई खुद चिंतित है या पहचान वाला चिंतित है तो तुरंत खतरे की घंटी बजाने की ज़रूरत नहीं है. अगर ये चिंता लंबे समय तक हो और दुर्बल बनाए तब चिंता का कारण है. जब कोई व्यक्ति चिंता के दौरे से पीड़ित हो तो चिंता विकारों के लक्षण कुछ ऐसे होते हैं-

• तेज़ दिल की धड़कन और भारी सांस

• सीने में जकड़न

• अनियमित दिल की धड़कन और कँपकँपी

• निराधार और अतिरिक्त चिंता

अगर आप किसी को जानते हैं जिनमें ये लक्षण दिखते हैं तो आपको उनसे चिंता विकारों के बारे में बात करनी चाहिए और पेशेवर मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

परीक्षा समय के दौरान चिंता

एक छात्र के जीवन में परीक्षाएँ एक तनावपूर्ण समय है, उम्मीदों और कड़ी प्रतिस्पर्धा में वृद्धि की वजह से तनाव बढ़ता है. 

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