इन्सोम्निया

इन्सोम्निया के साथ काम करना

इन्सोम्निया के कारण आपका दैनिक जीवन प्रभावित होता है क्योंकि आपको अनेक बदलाव करने होते हैं जिससे आपको बेहतर नींद मिल सके। दिन के समय व्यायाम करें और सक्रिय रहे। इससे आपको बेहतर नींद मिलती है और आपका आराम बेहतर होता है। कैफीन लेना कम करें और अल्कोहल व निकोटिन को भी कम से कम मात्रा में लें। अपनी सोने की व्यवस्था सुविधाजनक करें और सोने से पहले कुछ रिलेक्सेशन का अभ्यास करें। यदि आप अपने दैनिक कार्यों को नींद की कमी की वजह से नही कर पा रहे हैं तब डॉक्टर से सलाह लें।

इन्सोम्निया से ग्रस्त किसी की देखभाल करना

इन्सोम्निया के कारण व्यक्ति परेशान हो जाता है और उसका व्यवहार हैरान करने वाला व अवसाद से भरा हो जाता है। यह आवश्यक है कि आप धैर्य बनाकर रखें और उनकी समस्या को समझे। उनसे उनकी समस्याओं के बारे में बात करें। यदि किसी चिंता के कारण उनकी नींद नही हो पा रही है, तब आपसे बातचीत का असर उसपर पड सकता है। यदि आपके खर्राटे या सोने के प्रकार के कारण आपके जीवन साथी की नींद खराब हो रही है, तब दूसरे स्थान पर सोने का प्रयास करें। यदि समस्या फिर भी बनी रहती है, तब डॉक्टर से सलाह लेना सही होगा।

इन्सोम्निया के लिये इलाज

इन्सोम्निया से आपके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है लेकिन इसका इलाज किया जा सकता है। यदि आपको नींद से संबंधित समस्या हो रही है और इससे आपके जीवन ई गुणवत्ता पर असर हो रहा है, तब इस समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाना चाहिये।

इन्सोम्निया का इलाज मुख्य रुप से इसके कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर आपको सही दवाई दे सकते हैं और कुछ व्यवहार संबंधी इलाज बता सकते हैं जिससे इन्सोम्निया का इलाज किया जाता है।

इन्सोम्निया होने के क्या कारण हैं?

इन्सोम्निया आमान्य रुप से निम्न स्थितियों में होने की आशंका होती है:

  • तनाव: इन्सोम्निया का प्रमुख कारण है तनाव। यह दैनिक समस्याओं से संबंधित हो सकता है जैसे कार्य का दबाव, धन या स्वास्त्य को लेकर चिंता आदि। यह तनाव कुछ प्रमुख घटना से संबंधित भी हो सकता है जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु, तलाक या नौकरी छूट जाना आदि।
  • अन्य मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं: वे व्यक्ति जिन्हे अवसाद या व्यग्रता से संबंधित समस्याएं होती है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं होती हैं, उन्हे सो पाने में समस्या का सामना करना पडता है।
  • चिकित्सकीय स्थिति: वे व्यक्ति जिन्हे किसी प्रकार की शारीरिक समस्या हो, अथवा सांस लेने में समस्या हो जैसे अस्थमा, उन्हे भी इन्सोम्निया हो सकता है। अनेक अन्य चिकित्सकीय स्थितियां जैसे कैंसर, ह्र्दय रोग या कोई एलर्जी या एसिड रिफ्लक्स के कारण भी इन्सोम्निया हो सकता है।
  • दवाईयां: इन्सोम्निया किसी दवाई के पश्चात प्रभाव के कारण भी हो सकता है। अनेक दर्दशामक दवाओं और बिना नुस्खे के मिलने वाली दवाईयां जैसे खांसी या जमाव के लिये ली जाने वाली दवाईयों में कैफीन होता है जो आपके नींद के चक्र को बाधित करता है। अवसाद के उपचार, रक्तचाप की दवाईयां और ह्र्दय रोग के इलाज की दवाईयों के प्रभाव भी इन्सोम्निया का कारण बन सकते हैं।
  • शराब या अन्य पदार्ध: शराब, कैफीन, निकोटिन या अन्य नारकोटिक नशे के पदार्थों को भी इन्सोम्निया का कारण माना जाता है। कैफीन के कारण सो पाने की क्षमता सीमित हो जाती है, अल्कोहल और नशे के कारण नींद में बार बार उठने की समस्या आती है।
  • सोने का खराब वातावरण और दैनिक कार्य: एक असमान नींद का प्रकार सही स्वास्थ्य के लिये अच्छा नही है और आगे चलकर इससे इन्सोम्निया होने की आशंका होती है। इसके साथ ही किसी असहज वातावरण में सोना जैसे शोर, प्रकाश आदि के कारण आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
  • जीवन की घटनाएं: यदि आप रात की शिफ्ट में काम करते हैं, यदि आपका स्थानांतरण किसी अन्य समय क्षेत्र में हो गया है, तब आपके शरीर द्वारा उसके अनुसार ढ़लने और इस बदलाव के अनुसार सहि स्थिति में आने में आपको समस्या हो सकती है।
  • वृद्धावस्था: जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे ही इन्सोम्निया होने की आशंका बढ़ जाती है। आपकी नींद से संबंधित स्थितियां बदल जाती हैं जो कि पहले अलग प्रकार की होती थी। इसके साथ ही, उम्र के साथ ही आपकी शारीरिक गतिविधियां भी कम हो जाती हैं जिनका असर नींद पर पड़ता है। इसके साथ ही, उम्र के साथ की कुछ बीमारियां नींद को प्रभावित करती हैं।

इन्सोम्निया के लक्षण क्या हैं?

आपको इन्सोम्निया हो सकता है यदि:

  • आपको रात में सो पाने में समस्या हो
  • आपको नियमित रुप से दिन के समय सोने की इच्छा बनी रहे। आप हमेशा थके हुए और उनींदे रहते हैं।
  • आपको एकाग्र होने या ध्यान देने में समस्या आ रही हो। कई बार आप बातों को भूलना शुरु कर देते हैं। इसके कारण आपसे काम में गलतियां होना शुरु हो जाती है।
  • आप परेशान होते हैं और आपकी सहनशीलता का स्तर घट जाता है।
  • आपको नियमित सिरदर्द या पेटदर्द बना रहता है।
  • आपको सोने से संबंधित चिंता होने लगती है।

यदि आप किसी को जानते हैं जिसे इस प्रकार के लक्षण हो या लंबे समय से नींद को लेकर समस्या हो, तब उनसे बात करें और उन्हे डॉक्टर के पास ले जाने की व्यवस्था करें।

इन्सोम्निया क्या है?

इनसोम्निया सबसे सामान्य नींद संबंधी समस्या है। कोई भी व्यक्ति जिसे इन्सोम्निया है, उसे सोने या सोते रहने में समस्या आती है। यह तब भी होता है जब आपके पास सोने के लिये आवश्यक समय मौजूद है। यह इसलिये भी नही होता कि व्यक्ति देर से सोया है या उसे किसी कारण से जल्दी उठना पड़ा है। इन्सोम्निया नींद की मात्रा और गुणवत्ता पर असर डालता है। व्यक्ति दिन के समय थका हुआ और उनींदा महसूस करता है।

हम सभी को कई बार नींद में समस्या आती है। इसका अर्थ यह नही है कि हम सभी को इन्सोम्निया है। इन्सोम्निया यह स्थिति होती है जब आप लंबे समय तक नींद की समस्या से जूझते हैं और इसका असर आपके काम के प्रदर्शन, संबंध, निर्णय लेने और आपके जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। इस स्थिति में उपचार किया जा सकता है लेकिन यह तब कारगर होता है जब आपको इसके बारे में जल्दी जानकारी मिले।