मनोदैहिक बीमारी / सोमैटोफॉर्म विकार

सोमैटोफॉर्म विकार से ग्रस्त व्यक्ति की देखभाल

किसी व्यक्ति के लिए यह बहुत कष्टप्रद हो सकता है कि उसके शारीरिक स्वास्थ्य समस्या का कोई चिकित्सीय कारण नहीं मिल रहा है। एक देखभालकर्ता के रूप में, यहां कुछ चीजें हैं जो आप कर सकते हैं:

• बीमारी को लेकर व्यक्ति को सहारा दें और उन्हें आश्वस्त करें कि आप उनकी बीमारी को समझते हैं।

• उनके लक्षणों को नकारें नहीं और समझें कि वास्तव में दर्द है।

• नियमित जांच और उपचार के लिए उनके साथ जाएं।

• उन्हें अपनी दिनचर्या सुधरने में मदद करें जैसे खाने और सोने के कार्यक्रम।

• उन्हें दैनिक व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि उनका तनाव कम हो और बीमारी नियंत्रण में रहे।

 

 

 

 

सोमैटोफॉर्म विकारों के लिए उपचार

सोमैटोफॉर्म विकार से ग्रस्त व्यक्ति चिकित्सक के पास दर्द और शारीरिक संकट के मूल कारण खोजने के लिए जाता है, और असहाय महसूस करता है जब वे असमर्थ होते हैं।  सोमैटोफॉर्म विकारों को ढूढ़ने में समय लगता है क्योंकि व्यक्ति को 'सही चिकित्सक' खोजने की बेताबी होती है जो उसकी बीमारी का सही निदान कर सके लेकिन वह बार-बार विफल होता है। इससे वह थका हुआ, निराश और कभी-कभी असहाय भी महसूस कर सकता है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि इससे पहले कि व्यक्ति में सोमैटोफॉर्म विकार है यह तय किया जाए, निम्न स्वास्थ्य लक्षणों को नकार देना जरूरी है:

• माइग्रेन

• उच्च रक्तचाप

• पोषण संबंधी कमी

• एनीमिया

सोमैटोफॉर्म विकार के इलाज में आमतौर पर चिकित्सा और दवा शामिल होते हैं। यह उपचार दर्द या संकट के स्रोत खोजने पर काम करता है, जो भावनात्मक या व्यवहारिक मुद्दों का परिणाम हो सकता है या कुछ मामलों में, मानसिक बीमारी भी हो सकती है। संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी को सारी थेरेपियों में पसंदीदा माना जाता है क्योंकि यह विचार और व्यवहार पैटर्न को तोड़ने में मदद करता है, जो लक्षणों को पैदा करते हैं। समय पर, मनोवैज्ञानिक संकट का इलाज हो जाने पर शारीरिक संकट दूर हो जाता है।

यदि यह शारीरिक संकट से जुड़ी एक मानसिक मानसिक बीमारी (जैसे कि अवसाद या व्यग्रता) है, तो व्यक्ति को दवा की भी आवश्यकता हो सकती है।

कारण और लक्षण क्या हैं?

सोमैटोफॉर्म विकार कई कारकों के कारण हो सकता है:

• पहले से मौजूद शारीरिक या आम मानसिक बीमारी

• तनावपूर्ण जीवन की घटनाएं, जैसे कि किसी प्रियजन की मृत्यु

• व्यग्रता

मनोदैहिक बीमारी वाले लोगों द्वारा बताए गए आम शारीरिक लक्षण हैं:

• जठरांत्र संबंधी मुद्दे, जिनमें इर्रीटेबल बोवेल सिंड्रोम शामिल है

• त्वचा के मुद्दे, जैसे उंगलियों में झुनझुनी आना 

• सिर, मांसपेशियों और पूरे शरीर में दर्द

• यौन समस्याएं

मनोदैहिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति भी थकान रहने की शिकायत कर सकता हैं, मन अनमना रहने का अनुभव करता हैं जैसा अवसाद में होता है। वे अपने दर्द को ढंकने या व्यग्रता को कम करने के लिए मादक द्रव्यों के सेवन में आराम पाने का प्रयास कर सकते हैं। मनोदैहिक बीमारी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक संकट की एक शारीरिक अभिव्यक्ति है।

सोमैटोफॉर्म विकारों के प्रकार

लगातार सोमैटोफॉर्म दर्द विकार: व्यक्ति अंगों में और मांसपेशियों में अत्यधिक दर्द का अनुभव करता है, और सिरदर्द जो व्यक्ति के दैनिक जीवन को अस्त–व्यस्त कर देता है।   

सोमैटोफॉर्म औटोनोमिक गड़बड़ी: व्यक्ति शरीर में असहनीय झटके, पसीना और घबराहट  का अनुभव करता है। व्यक्ति में दिखने वाले लक्षण अंगों से या प्रणालियों से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं जो उनके नियंत्रण में नहीं होते हैं, उदाहरण के लिए, श्वसन प्रणाली।

हाइपोकॉन्ड्रियासिस: हम सभी को समय-समय पर हमारे स्वास्थ्य के बारे में डर रहता है: तनाव के कारण लगातार सिरदर्द, महत्वपूर्ण बैठकों से पहले पेट में दर्द, आदि। लेकिन हाइपोकॉन्ड्रियासिस यह है कि जब व्यक्ति मामूली स्वास्थ्य लक्षण को देखकर उसे गंभीर बीमारी मान लेता है। व्यक्ति को डर लगता है कि मामूली सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर हो सकता है या सीने में हल्का दर्द दिल का दौरा हो सकता है।

चूंकि शारीरिक बीमारी का कोई सबूत नहीं है, दूसरों को ऐसा लग सकता है कि व्यक्ति अपनी स्थिति के बारे में झूठ बोल रहा है या नाटक कर रहा है, लेकिन यह स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि उनका संकट वास्तविक है और उसे तुरंत पेशेवर मदद की ज़रूरत है। 

सोमैटोफॉर्म विकार क्या हैं?

शालिनी (48), दो साल से लगातार सिरदर्द से पीड़ित है। यह दर्द उसकी कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू हुआ था। कुछ महीने बाद, उसने बाजू में दर्द और उँगलियों में सिहरन महसूस की। वह लगातार थका हुआ भी महसूस करने लगी। कुछ दिन उसको दूसरों की अपेक्षा बेहतर लगते है लेकिन पिछले कुछ हफ़्ते से, बुरे दिन ज़्यादा हो गए थे। लगातार दर्द से वह चिंतित रहने लगी थी कि उसके साथ कुछ गलत हो रहा है– हालाँकि उसने चिकित्सक, न्यूरोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट और यहां तक ​​कि एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से भी परामर्श कर चुकी थी। उसके सभी परिक्षण और स्केन्स नकारात्मक रहे। लेकिन वह अपने स्वस्थ के प्रति चिंता करना बन्द नहीं कर रही थी, और चिंता के कारण उसने दैनिक कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करना शुरू करा दिया।                  

सोमैटोफॉर्म विकार ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति शारीरिक लक्षणों जैसे शरीर में दर्द जो कि कोई अंतर्निहित शारीरिक कारण नहीं है, का अनुभव करता है। शारीरिक लक्षणों की मौजूदगी व्यक्ति को चिकित्सक के पास जाने और विभिन्न परीक्षणों को करने के लिए प्रेरित करती है। चिकित्सकीय परिक्षण शारीरिक लक्षणों के वज़ह को बताने में असफल रहते हैं। लेकिन इस वज़ह से ये नहीं कहा जा सकता कि ये लक्षण काल्पनिक हैं; व्यक्ति वास्तव में पीड़ा, दर्द और शारीरिक कष्टों के अन्य लक्षणों का अनुभव करता है।