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Published On: 04th September, 2019

मातृत्व के भावनात्मक पहलुओं को क्या हम पर्याप्त रूप से संबोधित करते हैं? कितनी बार ऐसा होता है कि एक नई माँ को पता रहता है कि उसे किन भावनात्मक बदलावों के लिए तैयार रहना चाहिए या यह कि उसकी उत्कंठा, मनोदशा और चिंताएँ स्वाभाविक है या नहीं?

मातृत्व एक अत्यंत सुखद अनुभव होने के साथ-साथ कई मायनों में व्याकुलतापूर्ण भी हो सकता है। यह जीवन का एक ऐसा चरण है जो अपने साथ कई शारीरिक, हार्मोनल और भावनात्मक बदलाव लाता है। फिर भी भावनात्मक स्वास्थ्य के बारे में शायद ही कभी बात की जाती है। इस ई-बुक के माध्यम  से आप जान सकती हैं कि आपको क्या उम्मीद करनी चाहिए, भावनात्मक कुशलता के लिए अपनी देखभाल कैसे करनी है और किन संकेतों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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