परिवार/देखभाल करने वालों के लिये

Q

क्या मनोरोग के स्पष्ट संकेतों वाले अपने रिश्तेदार को मैं भर्ती कराने की गुज़ारिश कर सकता हूँ ? अगर वह इलाज के लिए अनिच्छुक हो, तो मैं क्या कर सकता हूँ?

A

अगर आपका रिश्तेदार मनोरोग का इलाज कराने के लिए अनिच्छुक है, तो आप नज़दीकी जिला अदालत में मजिस्ट्रेट के पास जाकर इस बारे में एक रिसेप्शन ऑर्डर हासिल कर सकते हैं। जब ये आदेश मिल जाए तो आपके रिश्तेदार को मानसिक अस्पताल या नर्सिंग होम में भर्ती किया जा सकता है और वहीं रखा जा सकता है। (सेक्शन 19,20, एमएच एक्ट)

Q

रिसेप्शन ऑर्डर क्या होता है?

A

मनोरोग से पीड़ित कोई व्यक्ति जब इलाज के लिए किसी मानसिक अस्पताल में भर्ती होने से इंकार कर देता है, तो परिवार(या कुछ मामलों में डॉक्टर) ज़िला कोर्ट के मजिस्ट्रेट के पास रिसेप्शन ऑर्डर के लिए अर्ज़ी दे सकते हैं। इस अर्ज़ी के मिलने पर मजिस्ट्रेट दो चीज़ों की जांच करता हैः १) क्या पीड़ित व्यक्ति की बीमारी इस प्रकृति की है कि उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना ज़रूरी है ? दूसरी बात ये कि क्या ऐसे व्यक्ति को ले जाकर अस्पताल में उसका इलाज करना ज़रूरी है, ये ध्यान में रखते हुए कि ऐसा करना उसकी अपनी सुरक्षा या औरों की सुरक्षा के लिए हितकर होगा या नहीं ?

ये जांचने के लिए, मजिस्ट्रेट, व्यक्ति और उसके मेडिकल प्रमाणपत्रों की जांच करता है। अगर ज़रूरत हुई तो वह इस बारे में निर्देश जारी कर सकता है। (सेक्शन 20, 22, एमएच एक्ट)

Q

मैंने अपने बच्चे को मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया है और अब मैं उसे वहाँ से वापस लाना चाहता हूँ। इसके लिए मुझे क्या करना होगा ?

A

अगर आप अस्पताल से अपने बच्चे की छुट्टी कराना चाहते हैं तो आपको उस मनोचिकित्सक के नाम एक अर्जी लिखनी होगी जिसने आपके बच्चे को भर्ती किया था। अगर मनोचिकित्सक संतुष्ट है कि आपके बच्चे की हालत में सुधार है तो वह आपके बच्चे को छुट्टी दे देगा। (सेक्शन 18, एमएच एक्ट). लेकिन अगर आपके बच्चे की सेहत में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है तो ऐसी स्थिति में मनोचिकित्सक इलाज जारी रखने के लिए आपके बच्चे को अस्पताल में रखे रहने की सिफ़ारिश कर सकता है। 

Q

मजिस्ट्रेट के एक आदेश से मेरा एक रिश्तेदार या दोस्त मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब मैं चाहता हूँ कि उसे मेरी देखभाल और कस्टडी में दे दिया जाए। इसके लिए मुझे क्या करना होगा?

A

आपको मनोचिकित्सक के नाम एक आवेदन भेजना होगा, जो आपके आवेदन को अपनी टिप्पणियों के साथ मजिस्ट्रेट को भेजेगा। मजिस्ट्रेट फिर आपसे एक निर्धारित राशि का बाँड भरने को कहेगा और इस बारे में आपको एक अंडरटेंकिग भी अपने हस्ताक्षरों के साथ देनी होगी कि आप मरीज़ का उचित ख्याल रखेंगें। आपको ये भी आश्वासन देना पड़ेगा कि आप मरीज़ को खुद को या दूसरों को चोट पहुँचाने से रोके रखेंगे। मजिस्ट्रेट संतुष्ट होने पर ही एक मरीज की छुट्टी का आदेश जारी करेगा। ( सेक्शन 42 एमएच एक्ट)

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