एन्डोमेट्रियोसिस – शारीरिक दर्द का संवेदनात्मक प्रभाव
शरीर और मस्तिष्क

एन्डोमेट्रियोसिस – शारीरिक दर्द का संवेदनात्मक प्रभाव

वाइट स्वान फ़ाउंडेशन

एन्डोमेट्रियोसिस क्या है?

गर्भाशय में एक परत होती है जिसे एन्डोमेट्रियम कहा जाता है। एन्डोमेट्रियोसिस एक स्थिति है जिसमें इसके ऊतकों को गर्भाशय के बाहर विकसित किया जाता है, और कई बार शरीर के किसी दूसरे भाग में – इसमें शामिल है अन्डाशय, फेलोपियन ट्यूब और कई बार आंतों में भी। इस गर्भाशय के बाहर की परत के कारण मासिक धर्म के दौरान बहुत ज्यादा दर्द हो सकता है। कई महिलाओं के लिये यह दर्द इतना अधिक होता है कि वे पूरे मासिक धर्म की अवधि के दौरान अत्यंत प्रभावित रहती हैं।

यह केवल भौतिक दर्द नही होता है: अत्यंत तेज होने वाला यह दर्द एन्डोमेट्रियोसिस से संबंधित होता है और इसके कारण संवेदनात्मक कठिनाईयां भी बढ़ सकती हैं।

एन्ड्रोमेट्रियोसिस क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

एन्डोमेट्रियोसिस मुख्य रुप से उन महिलाओं को होता है जो उनकी प्रजनन आयु में है – यह मुख्य रुप से महिला के प्रजनन वर्षों की शुरुआत में होता है, इसमें लक्षण धीरे धीरे बढ़ते जाते हैं। बहरहाल, अनेक महिलाओं के लिये यह केवल कुच वर्षों के लिये होता है और इसके अनेक कारण है: मासिक धर्म संबंधी बातचीत को लेकर बनाया गया हौव्वा, अथवा यह जागरुकता नही होना कि हल्का दर्द सामान्य होता है और इसमें तब चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता होती है जब निम्न लक्षण हो:

·         अत्यधिक भारी रक्तस्राव व तेज दर्द

·         संबंध बनाते समय दर्द

·         पेडू के भाग में या योनि के भाग में मासिक धर्म के दौरान या अन्य समय में भी दर्द आता जाता रहना

·         दो मासिक धर्म के मध्य में रक्तस्राव

·         गर्भधारण में परेशानी

यह अनुमान लगाया जा सकता है कि भारतीय महिलाओं में से 5-20 प्रतिशत महिलाओं को एन्डोमेट्रियोसिस होता है। यदि आपको मासिक धर्म में दर्द होता है जो कई दिनों तक चलता है, तब यह जरुरी है कि आप स्त्री रोग उपचारकर्ता से मिलें और यह देखें कि इसका निदान एन्डोमेट्रियोसिस के रुप में तो नही हो रहा।

एन्डोमेट्रियोसिस सामान्य मासिक धर्म के दर्द से अलग कैसे है?

अनेक महिलाओं को दर्दभरी मरोडे उठती हैं, पेट में दर्द या कमर में दर्द होता है जब भी उन्हे मासिक धर्म आता है। इनमें से कुछ दर्द प्राकृतिक होते हैं: कुछ महिलाओं के लिये यह हारमोनल असन्तुलन के कारण होता है। बहरहाल एन्डोमेट्रियोसिस के कारण इसका दर्द बहुत ज्यादा होता है और महिला अपना सामान्य दिनक्रम जारी नही रख पाती है। कई महिलाओं को यह दर्द मासिक धर्म की अवधि से पहले और बाद में भी होता है।

एन्डोमेट्रियोसिस एक तेजी से होने वाली दर्द की स्थिति है जिसके लिये दवा ही ली जाती है। कई स्थितियों में डॉक्टर शल्यक्रिया की सलाह देते हैं जिससे दूसरे अंगों में से एन्टोमेट्रियम को निकाल दिया जाता है। कई बार इस प्रकार की सलाह नही भी दी जाती है।

कई बार, एन्डोमेट्रियोसिस को मासिक धर्म के दर्द के रुप में समझ लिया जाता है जबकि इसका उपचार अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। और जागरुकता की कमी के कारण, एक महिला जिसे एन्डोमेट्रियोसिस होती है, वह अनेक वर्षों तक, बिना निदान के इस दर्द को सहन करती रहती है। कई महिलाएं तब मदद के लिये कहती है जब उनका दर्द सहनशक्ति से बाहर हो जाता है।

संवेदनात्मक प्रभाव

एन्डोमेट्रियोसिस तब अधिक कठिन हो जाता है जब इसके साथ दर्दभरा मासिक धर्म जुड़ा हो। अत्यधिक दर्द के कारण महिला अपने सामान्य काम नही कर पाती है। यह निम्न कारणों से भी तनावपूर्ण हो जाता है:

·         अपना दैनिक काम न कर पाना, फिर वह घर पर हो या काम पर

·         संबंध बनाते समय दर्द होना और इस प्रकार के तनाव संबंधों के मध्य आते हैं

·         गर्भ धारण करने संबंधी चिन्ता अथवा वास्तविक रुप से गर्भधारण नही होना

·         इस प्रकार का दर्द बार बार आने संबंधी चिन्ता

·         उपचार संबंधी व्यग्रता, अवसाद और असहाय अवस्था

अन्य हारमोन संबंधी स्थितियों के चलते, यह बहुत ही दुर्लभ स्थिति है जब केवल हारमोन के कारण यह स्थिति बने। भौतिक कारकों के कारण महिला पर मानसिक तनाव बहुत अधिक बढ़ जाता है और वह स्वयं की समस्या का समाधान पाने में अक्षम हो जाती है, इसके पार्श्व में जो समस्याएं होती है, उनके चलते उसकी स्थिति शोचनीय हो जाती है। अन्य पार्श्व समस्याओं में शामिल है:

·         कार्य वातावरण का असहयोगात्मक होना

·         परिवार द्वारा उसे समझ नही पाना या सहयोग नही देना

·         उसकी स्थिति को लेकर संवेदनात्मक सहयोग की शून्यता

·         विवाह के तुरंत बाद बच्चा पैदा करने संबंधी सामाजिक दबाव

·         मासिक धर्म संबंधी हौव्वा होने के कारण अपनी स्थिति को लेकर चर्चा करने में असमर्थता

इन अन्य कारणों की पार्श्वभूमि के कारण, महिला अकेलापन महसूस करती है, उसका आत्म सम्मान कम होता है और उसे लगता है जैसे कोई भी उसे समझ नही पा रहा है। उसकी बीमारी की असाध्यता और तीव्रता बढ़ती जाती है जिससे वह निराशावादी हो जाती है। महिलाएं जिन्हे एन्डोमेट्रियोसिस होता है और उनके साथ यदि पार्श्व में होने वाली समस्याओं के कारण भी अधिक होते हैं, उन्हे स्वभाव में समस्या, व्यग्रता, अवसाद और विवशतापूर्वक सनक के दौरे जैसी स्थिति बन सकती है। हारमोनल उपचार के कारण भी व्यवहारगत समस्याएं आ सकती हैं।

एन्डोमेट्रियोसिस से निपटना

“जब एन्डोमेट्रियोसिस संबंधी दर्द होता है, तब इसे मस्तिष्क में महसूस किया जाता है। लेकिन इसका अर्थ यह नही है कि यह दर्द काल्पनिक है। इस दर्द का सीधा संबंध पार्श्व में होनेवाले तनाव से हैं। जैसे ही तनाव बढ़ता है, दर्द की स्थिति भी अधिक हो जाती है और इससे निपटना मुश्किल हो जाता है।“ ये विचार हैं डॉ. लता वेन्कटरमण की, जो स्त्री उपचारकर्ता हैं। “और कई बार, आपके आस पास के लोग भी इस दर्द के अस्तित्व को नही मानते क्योंकि यह असाध्य है। वे इस दर्द की उपेक्षा करते हैं और असहयोगात्मक बातें कहते है। इसके कारण तनाव बढ़ता है और इस दर्द से निपटने की क्षमता भी कम होती है। और यह एक कभी न खत्म होने वाला चक्र बन जाता है।”

एन्डोमेट्रियोसिस के साथ निपटना तब कम चुनौतीपूर्ण अहो जाता है जब आपको इसके पार्श्व में मौजूद तनाव बढ़ाने वाले कारणों की जानकारी हो।

1.   बीमारी को समझें। अपने डॉक्टर से इस संबंध में सारी वह जानकारी लें जिससे आप इसे बेह्टर तरीके से समझ सके।

2.   यदि आपका परिवार सहयोगात्मक है, तब उनसे यह कहें कि इस अवधि के दौरान आपसे सहयोग बनाकर रखें। अपने परिवार के सदस्य या अपने जीवन साथी के साथ स्त्री रोग उपचारकर्ता के बास जाएं जिससे उन्हे एन्डोमेट्रियोसिस के बारे में सही जानकारी मिल सके। यदि आपकी कोई साथी भी है, उन्हे भी इस उपचार में अपने साथ शामिल करें।

3.   यह तथ्य पहचानें कि आपके मासिक धर्म के सप्ताह में आपको किस बात का तनाव सबसे ज्यादा होता है। इस स्थिति को सामान्य तरीके से लेने का प्रयत्न करें। यदि आवश्यक हो, तब कुछ काम पूरे करने के लिये मित्र और परिवारजनों का सहयोग लें।

4.   सामान्य विश्वास से परे, एन्डोमेट्रियोसिस के कारण हमेशा ही वंध्यत्व नही आता। यदि आपको अपनी उर्वरता को लेकर चिन्ता है, तब अपने डॉक्टर से इसके उपचार के विकल्पों को लेकर बात करें और पूचें कि आप इस बारे में क्या कर सकते हैं।

5.   जब भी आपको बेहतर महसूस होता है, तब एक नियमित व्यायाम का कार्यक्रम अपनाएम। योगाभ्यास से आपको शारीरिक और मानसिक, दोनो स्थितियों में आराम मिलता है।

6.   कोई ऑनलाईन मदद समूह खोजें। यदि आपको अधिक समस्या है, तब संवेदनात्मक मदद के लिये आप सलाहकार के पास जा सकती हैं।

यदि आप किसी ऎसी व्यक्ति को जानती हैं जिन्हे एन्डोमेट्रियोसिस है, तब आप इस प्रकार से उनकी मदद कर सकते हैं:

1.   उन्हे जहां तक संभव हो, तनाव कम करने में मदद करें। आप उनके साथ घर के आस पास के काम करने या बच्चों को सम्हालने जैसे काम कर सकते हैं।

2.   आपको जो घरेलू इलाज पता हो, वे उन्हे बताएं – इससे दर्द में कमी होना बहुत ज्यादा संभव नही होगा परंतु उन्हे यह पता लग सकेगा कि कोई उन्हे समझता है और मदद करने की इच्छा रखता है।

3.   उन्हे पूछें कि जब वे दर्द में हो, तब आप उनकी कैसे मदद कर सकती हैं? क्या उन्हे गरम पानी से स्नान या मालिश की जरुरत है? गरम चाय पीनी है? या फिर उन्हे थोड़ा समय अकेला रहना है?

4.   उन्हे अपने पसंदीदा कामों में समय बिताने को कहिये, अथवा उन गतिविधियों में समय देने को कहिये जो उन्हे अर्थपूर्ण लगती है। यह प्रकार मुख्य रुप से किशोरी लड़कियों के लिये अधिक कारगर होता है।

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