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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानूनी सवाल – बच्चों के शिक्षा का अधिकार

अगर मेरा बच्चा मानसिक रूप से बीमार है, तो क्या उसका पड़ोस के स्कूल में दाखिला हो सकता है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-A के तहत शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। इस अधिकार का शिक्षा के अधिकार कानून, 2009, के ज़रिये पालन कराया जाता है जिसके तहत प्रत्येक बच्चा, जिसकी उम्र छ: और चौदह वर्ष के बीच हो, पड़ोस के स्कूल में मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है।

अगर आपके बच्चे को विकलांगता कानून 1995 के तहत विकलांगता का सर्टिफिकेट प्राप्त है, तो 18 वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा के हकदार हैं।

अगर मेरा बच्चा मानसिक रोगी है, तो क्या उसे मानसिक रोगियों के लिये बनाए गये विशेष स्कूल में जाना पड़ेगा?

मानसिक विकलांगता कानून 1995 का सेक्शन 26 (b) प्रावधान करता है कि सरकार औऱ स्थानीय प्रशासन को चाहिये कि वे विकलांग बच्चों का भी नियमित स्कूलों में समन्वीकरण किया जाना सुनिश्चित करें।

अगर मेरा बच्चा मानसिक रोगी है और उसकी शिक्षा की विशेष जरूरतें हैं और अगर एक नियमित स्कूल उसकी विशेष जरूरत को नहीं पूरा करता है तो मैं अपने बच्चे को शिक्षा के लिये कहाँ भेज सकता हूँ ?

ये सरकार और स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे विकलांग बच्चों के लिये विशेष स्कूल की उपलब्धता सुनिश्चित करे, या तो सरकारी स्कूल या निजी स्कूलों में उनकी विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सके। विकलांगता कानून की धारा 26(c) के तहत इसका प्रावधान किया गया है। सेक्शन 26(d) ये भी प्रावधान करती है कि ऐसे बच्चों को पेशेवर ट्रेनिंग की उपलब्धि हो जिससे कि ऐसे बच्चे अपनी आजीविका कमा सकें। 

क्या मेरे बच्चे की मानसिक अवस्था को देखते हुए कोई विशेष स्कीम भी हैं जिसके लिये वह योग्य है और जिसका वह लाभ उठा सकता है?

हाँ, कुछ ऐसे विशेष हालात हैं जिसमें ये सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है कि वो आपके बच्चे की शिक्षा के लिये मदद मुहैया कराए। अगर आपका बच्चा बीमारी के कारण पूर्णकालिक स्कूल नहीं जा सकता है, तो ये सरकार की जिम्मेदारी है कि उसके लिये पार्ट टाइम शिक्षण की व्यवस्था करे। सरकार का औऱ भी दायित्व ये होना चाहिये कि वो ओपन विश्वविद्यालय और ओपन स्कूल स्थापित करे जिससे कि विकलांग बच्चों के लिये शिक्षा उपलब्ध हो सके।

सरकार का ये भी दायित्व है कि वो ऐसी स्कीम शुरू करे जिससे कि मानसिक रोगी बच्चों को विशेष किताबें और सीखने के अन्य संयत्र मुफ्त मिल सकें। विकलांगता कानून की धारा 27 ये जिम्मेदारी सरकार के ऊपर डालती है।

क्या नियमित शिक्षक मेरे बच्चे की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिये उपयुक्त रूप से जानकार होंगे?

सभी शिक्षक इसके लिये ज़रूरी विशेषज्ञता से निपुण नहीं होंगे। हालांकि विकलांगता कानून के सेक्शन 29 के तहत ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ट्रेनिंग प्रोग्राम के ज़रिये इस तरह के जरूरी मानव संसाधन और शिक्षकों को प्रशिक्षण दे औऱ ऐसे स्कूल की स्थापना करें जो मानसिक रोगी और मानसिक विकलांगता के शिकार बच्चों के लिये शिक्षण की व्यवस्था करे।