बाल यौन शोषण क्या है?

(डब्ल्यूएचओ की बाल यौन शोषण की परिभाषा पर अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां जाएं:http://www.who.int/violence_injury_prevention/resources/publications/en/guidelines_chap7.pdf)

ये भी पढ़ें: बाल यौन शोषण: मिथक और तथ्य

         बाल यौन शोषण: माता-पिता क्या कर सकते हैं?


बाल यौन शोषण क्या है? (सीएसए)

बाल यौन शोषण से तात्पर्य है एक बच्चे को उन यौन गतिविधियों में भागीदार बनाना जिसकी:

- उसे पूरी तरह से समझ नहीं हो

- वह सूचित सहमति देने में असमर्थ हो

- तैयार होने के लिए विकसित न हो और सहमति देने में असमर्थ हो

- या वह जो सामाजिक कानून या सामाजिक प्रतिबंध का उल्लंघन करता हो

(1999 के बाल शोषण रोकथाम सम्बंधित परामर्श पर डब्ल्यूएचओ द्वारा तैयार की गई परिभाषा पर आधारित)


आप कैसे जान सकते हैं कि एक बच्चे का यौन शोषण किया जा रहा है?

यौन शोषण से पीड़ित बच्चों में निम्नलिखित दो या अधिक शारीरिक लक्षण दिख सकते हैं:

- गुप्त अंगों में चोट (स्तन / योनि / गुदा)

- मलत्याग के दौरान दर्द

- योनिक निर्वहन (रक्त / सफेद)

- उदर में दर्द

- यौन संक्रमित संक्रमण / एचआईवी

- पुनरावर्ती मूत्र पथ संक्रमण

- गर्भावस्था

स्रोत: यौन शोषण की रोकथाम के उपाय, डॉ वृंदा, एमएन पीएसडब्ल्यू विभाग, निमहांस


आप कैसे जान सकते हैं कि किसी बच्चे का यौन शोषण किया जा रहा है?

यौन शोषण से पीड़ित बच्चों में निम्नलिखित दो या अधिक व्यवहार सम्बन्धी लक्षण दिख सकते हैं:

- आयु अनुपयुक्त यौन ज्ञान

- स्कूल के प्रदर्शन में परिवर्तन

- विकास में निकास (उदाहरण के लिए सोते समय पेशाब कर देना)

- कुछ लोगों या स्थानों से डर या घृणा

- भूख में परिवर्तन

- सामाजिक रूप से अलगाव या निर्लिप्तता

- अत्यधिक स्नान करना या धोना

- नींद में परेशानी (दुःस्वप्न)

- खुद को नुकसान पहुंचना

- उत्कंठा, अवसाद

स्रोत: यौन शोषण की रोकथाम के उपाय, डॉ वृंदा, एमएन पीएसडब्ल्यू विभाग, निमहांस


 

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